पेशाब में जलन के कारण एवं उपाय

  • पेशाब में संक्रमण
  • मूत्र मार्ग में सूजन योन संक्रमण एसटीडी
  • चोंट आदि के कारण
  • मासिक धर्म में हार्मोन के असंतुलन के कारण
  • गुर्दे या मूत्राशय में पथरी होने से
  • शुगर की बीमारी होने से
  • बढ़ती उम्र में पानी की कमी होने से

पेशाब में जलन के लक्षण

  • पेशाब करते समय दर्द होना
  • पेशाब में बदबू आना
  • पिली पेशाब आना
  • बून्द-बून्द पेशाब आना
  • हर बार पेशाब के साथ दर्द होना

पेशाब करते समय जलन होने पर शुष्क धनिया के दानो को मोटा-मोटा कुटले और उनके छिलको को अलग कर दें फिर बीजो के अंदर की गिरी निकालकर 310 ग्राम की मात्रा में रख ले और 310 ग्राम मिश्री (बिना कटिंग की हुई). अब इन दोनों को अलग-अलग रख कर पीस कर आपस में अच्छे से मिला लें. अब रोजाना सुबह और शाम को 8-10 ग्राम की मात्रा में बासी पानी के साथ खाये. सुबह उठने के तुरंत बाद ही इसको खाले और फिर एक घंटे तक कुछ भी न खाये पिए ठीक ऐसा ही शाम को भी करे. यह पेशाब में जलन की दवा है दिव्य चमत्कारी मात्र तीन दिन के प्रयोग से ही पूरा आराम हो जायेगा साथ ही वीर्य, स्वप्नदोष आदि विकार भी ख़तम हो जायेंगे। 

बिना कटिंग वाली मिश्री (यानि बड़े-बड़े टुकड़ों वाली मिश्री जिसकी कटिंग न की गई हो) वह किराने की दुकान से खरीद लाये और सौंफ भी खरीद ले. अब रात को सोने से पहले एक बर्तन में मिश्री और आधी चम्मच सौंफ दोनों को पानी में भिगोकर रात भर के लिए ऐसे ही छोड़ दें. अब सुबह उठने के तुरंत बाद ही बिना कुछ खाये यह मिश्री और सौंफ खाले और इनका पानी भी पि जाए. इसको खाने के बाद 30-45 मिनट तक कुछ भी न खाये पिए, इस तरह 3-4 दिन के प्रयोग से पेशाब में जलन होना बिलकुल बंद हो जाएगी. यह भी पेशाब की जलन में रामबाण होता है. इस प्रयोग को नियमित रूप से रोजाना करने से पेशाब करते समय पेशाब में जलन नहीं होती, पेशाब आसानी से निकल जाती है। 

करीबन 10 धनिया रात को सोने से पहले एक कप पानी में भिगोकर रख दें. फिर सुबह इसे बारीक़ सकर छानकर व इसमें मिश्री मिला दें और सेवन करे. पेशाब करते समय दर्द होना जलन होना आदि रोग को ख़त्म हो जाते है। 

बेल की 10 पत्तियों को सुबह और शाम को बारीक़ पीसकर 300 ग्राम पानी में मिला दे और फिर इसे पि जाए तो जलन सिर्फ 3-4 दिन में ही ख़त्म हो जाती है। 

जिस वक्त जलन और दर्द हो रहा हो उसी वक्त टॉवल को ठन्डे पानी में भिगोकर नाभि से लेकर पेडू तक रखे, इस तरह ठन्डे कपड़े से सिंकाई करे आप बर्फ को भी पॉलीथिन में बांधकर नाभि से लेकर पेडू तक रख सकते है, इसे 20 मिनट तक रखा रहने दें तो तुरंत ही उसी समय जलन और दर्द का घरेलु इलाज हो जाता है, जलन रुक जाती है। 

इस रोग से हमेशा के लिए छुटकारा पाने के लिए आप गर्मी के दिनों में रोजाना सुबह 1 गिलास दही या ट्ठा छाछ पिए, धुप में कम निकलने, पानी ज्यादा से ज्यादा पिए, बिना कटिंग की हुई मिश्री खाये तो आपको बिलकुल भी यह परेशानी नहीं होगी। 

पेशाब में जलन के घरेलू उपाय में आप पानी ज्यादा से ज्यादा पिए, जितना ज्यादा पानी पिएंगे उतना ही आराम मिलेगा, कई व्यक्तियों को कम पानी पिने से उनके मूत्र मार्ग में बैक्टीरिया आदि नहीं निकलते इसलिए ज्यादा पानी पिए तो शरीर भी डेटॉक्स होता रहेगा व मूत्र संबंधी सभी रोगों से छुटकारा मिलेगा. यह एक प्राकृतिक पेशाब में जलन रोकने का उपचार करने का तरीका है जिससे आप जलन होने से रोक सकते है। 

यूरिन इन्फेक्शन के इलाज में लिए आप नीबू शिकंजी ज्यादा से ज्यादा पिए, यह शिकंजी पेशाब के कीटाणुओं को ख़त्म करते है. इसलिए रोजाना शिकंजी का सेवन अवश्य ही करे। 

300 ग्राम दूध और 300 ग्राम पानी में मिश्री मिलाकर रोजाना खाली पेट सात दिनों तक पिने से इस रोग में पूरा आराम मिल जाता है। 

सौंफ और मिश्री को रात में पानी में डालकर रख दें सुबह मसलकर, छानकर इनमे कच्चा दूध मिलाकर पिए तो तीन चार दिन में इलाज हो जाता है। 

दही में पीसी हुई प्याज की चटनी मिलाकर कुछ दिन खाने से मूत्र की जलन बिलकुल बंद हो जाती है। 

पेशाब करते समय दर्द होने पर तुलसी की 8-10 पत्तियां दिन में दो तीन बार खाली पेट रहने पर चबाये, इससे इन्फेक्शन बैक्टीरिया आदि ख़त्म हो जायेंगे. यह कौन को आने से रोकने में भी मदद करता है। 

5 ग्राम प्याज को बारीक़ काट ले और आध किलो पानी में अच्छे से उबाले फिर आधा पानी रहने पर छानकर ठंडा हो जाने पर इसे पि जाए। 

गन्ना चूसने और इसका रस पिने से पेशाब सम्बंधित रोगो में आराम मिलता है ,और जलन दर्द दूर होती  है।

रोजाना नारियल खाये व नारियल पानी पिए, रोजाना सुबह 1 गिलास दही पिए अगर दही न हो तो 1 गिलास छाछ पिए दिन में बिना कटिंग वाली मिश्री खाये। 

अगर आपको गर्मी में ज्यादा यूरिन में जलन का सामना करना पड़ता है तो आप रोजाना भोजन के बाद एक गिलास दूध या सुबह एक गिलास दूध पिए,गर्मी में आप दही के जगह लस्सी का प्रयोग भी कर सकते हैं। 

इसके अलावा तरबूज, खरबूज, नारियल पानी, गन्ने का रस, नीबू शिकंजी, नीबू पानी, लस्सी आदि पीते रहे, यह जलन को रोकने के उपाय की तरह काम करेंगे।