तमाम लोग अपने चेहरे के मूल ढॉँचे को लेकर ही दुखी रहते हैं और सुडौलता लाने के चक्कर में प्लास्टिक सर्जरी तक की सहायता लेते हैं। परंतु मेरे विचार से चेहरे की प्राकृतिक बनावट के प्रति चिंता बेमानी है और कई अर्थों में यह हमारे विकृत सौन्दर्यबोध को ही दर्शाता है।
परमात्मा ने स्वस्थ मॉ-बाप द्वारा एक स्वस्थ व्यक्ति के रूप में जैसे चेहरे-मोहरे के साथ हमें इस संसार में भेजा है, उस पर संतुष्ट रहने में ही असली सुख है। सुन्दरता के तथाकथित मानदण्डों पर खरा उतरने के लिए कृत्रिम साधनों की सहायता लेने से आपके मन की मुराद पूरी तरह से पूरी तो खैर नहीं ही हो सकती, उल्टे कई बार नुकसानदेह नतीजों का भी सामना करना पड़ सकता है। विशेष अपरिहार्य परिस्थितियों में कृत्रिम साधन प्रयोग किए जाएं तो ही उचित कहा जा सकता है।
दरअसल चेहरे के सौन्दर्य का असली अर्थ यह है कि चेहरा स्वस्थ हो तथा ओज और ताजगी से परिपूर्ण रहे। चेहरे के स्वास्थ्य और सौन्दर्य सुधारने का यह भी अर्थ नहीं है कि यह कोई एकदम से अलग विषय है। सही बात यह है कि अगर आपका शरीर स्वस्थ है तो स्वास्थ्य की झलक चेहरे पर भी दिखाई ही देगी। हाँ, थोड़ी अतिरिक्त देखभाल करके चेहरे की चमक, दमक और रौनक अवश्य बढ़ायी जा सकती है।
इस प्रकरण में इसी उद्देश्य से कुछ ऐसे देशी और हानिरहित नुस्खे प्रस्तुत किए जा रहे हैं, जिन्हें आप अपना आहार-विहार दुरुस्त रखते हुए आजमाएंगे तो कील-मुहाँसे, दाग-धब्बे झाँई-झुर्री जैसी तमाम समस्याओं से मुक्ति मिलेगी और आप सुहाने मुखड़े के मालिक बन जाएंगे।
नुस्खों का इस्तमाल करते समय ध्यान रखने वाली एक विशेष बात यह है कि जिन नुस्खों में तेल या चिकनाई की चीज़ें मिली हों, उनका प्रयोग ठण्ड के मौसम में विशेष लाभप्रद रहता है।
- चेहरे पर काली मिट॒टी का लेप लगाएं। यह ऊपरी चिकनाहट दूरकर मृत त्वचा को हटाती है।
- नीम की जड़ को महीन पीसकर लेप करने से मुहाँसे जल्दी ठीक होते हैं।
- मुहॉँसे अधिक बड़े-बड़े व ज़्यादा संख्या में हों तो सिरके में कलौंजी पीसकर रात में मुँह पर लगाकर सो जाएं। सुबह धो डालें। इसके बाद ओस की बूँदों को साफ रुई में भिगोकर मुहाँसों पर फेरें।
- एक छोटा चम्मच जौ का आटा, आधा चम्मच चंदन पाउडर, चुटकी भर हल्दी लेकर नींबू के रस में घोल बनाएं तथा चेहरे पर लगाकर आधे घण्टे बाद धो दें। यह काफी असरदार नुस्खा है।
- हरी ककड़ी के रस में नींबू या संतरे का रस मिलाकर चेहरे पर लगाएं और लगभग आधे घण्टे बाद धो डालें।
- पहले चेहरा ठण्डे पानी से धो लें और फिर गर्म पानी में तौलिया गीला करके चेहरे पर रखकर भाप सेंक करें। इसके तुरंत बाद ठण्डे पानी से भीगा तौलिया चेहरे पर रखें। चेहरे को तैलीय न होने दें। कुछ दिनों के प्रयोग से मुहाँसों से आसानी से छुटकारा मिल जाएगा।
- धनियाँ, वच, लोध और कूठ को बराबर-बराबर मात्रा में लेकर महीन पीसकर एक में मिलाकर रख लें। इसमें से एक चम्मच चूर्ण लेकर पानी में गाढ़ा घोल बनाएं। अब पत्थर पर पानी के साथ जायफल घिसकर एक छोटे चम्मच की मात्रा में घोल में मिला दें। इस मिश्रण को शाम के समय चेहरे पर लेप करके एक घण्टे तक लगा रहने दें। फिर हल्के हाथों से मसलकर छुड़ा दें और सो जाएं। सबेरे उठकर चेहरा धो डालें। उचित आहार-बिहार के साथ कुछ दिनों तक यह प्रयोग करने से मुहासों की समस्या से निजात मिल जाएगी।
- लाल चंदन, मंजीठ, लोध, अगर, खस, कूठ व सुगंधबाला सबको बराबर-बराबर मात्रा में लेकर अलग-अलग चूर्ण बनाकर कपड़छन करके शीशियों में रख लें। जब भी उपयोग में लाना हो तो सब चूर्ण आधा-आधा चम्मच लेकर गुलाबजल के साथ पीसकर लेप बना लें। अब एक चम्मच दूध में 4-2 पंखुडी केसर की घोंटकर इस लेप में मिलाएं और साथ ही 4-6 बूँद नींबू का रस भी मिला लें।
इस लेप को चेहरे तथा गर्दन पर लगाकर कुछ देर के लिए सूखने दें और फिर लेप छुड़ाकर चेहरा पानी से धो डालें। यह नुस्खा चेहरे की रौनक बढ़ाने के लिए काफी कारगर है।
9. त्वचा का स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए आँवला, कच्चा नारियल, मक्खन-मिश्री, सलाद, संतरे जैसी चीजें विशेष लाभप्रद हैं। चूने के पानी का शर्बत त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करता है। इसको बनाने का तरीका यह है कि खाने का चूना पानी में भिगोकर 4-5 दिन तक रख दें। इसे दिन में 2-3 बार साफ लकड़ी से हिलाकर चला दिया करें। पाँचवें दिन ऊपर का निथरा हुआ पानी अलग कर लें। इसमें शक्कर मिलाकर शर्बत योग्य चाशनी बनाकर ठण्डा करके बोतल में भर लें। इस शर्बत को भोजन के बाद दोनों समय एक-एक चम्मच की मात्रा में 40 दिनों तक सेवन करना चाहिए |
10.जिन महिलाओं के चेहरे व होठों के ऊपर घने रोएं हों उन्हें बेसन, मैदा, शहद और नींबू का रस 4-4 चम्मच लेकर एक में मिलाकर चेहरे पर लेप करना चाहिए। लेप सूखने लगे तो मसलकर छुड़ा दें। इस प्रयोग से धीरे-धीरे अनावश्यक बालों की समस्या से निजात मिल जाएगी। इसके अलावा चेहरे की त्वचा भी मुलायम, चिकनी और चमकीली बन जाएगी।






